वन अग्नि सुरक्षा हेतु वन विहार केन्द्र में कार्यशाला का आयोजन

जनप्रतिनिधियों,विद्यार्थियों एवं वन प्रबंधन समितियों ने की सहभागिता

बलौदाबाजार। बलौदाबाजार वन परिक्षेत्र अंतर्गत परिक्षेत्र स्तरीय वन अग्नि सुरक्षा कार्यशाला का आयोजन सोनबरसा वन विहार केंद्र में किया गया। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों,विद्यार्थियों एवं वन प्रबंधन समितियों की सक्रिय सहभागिता रही। जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव ने वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की, वहीं सरपंच रेणुका नायक ने भी वन अग्नि रोकथाम में सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन वन प्रबंधन समिति धमनी के अध्यक्ष रामनारायण यादव द्वारा किया गया।जागरूकता के उद्देश्य से “जंगल के फूल” कला जत्था, धमनी के मिनेंद कुमार यादव एवं उनकी टीम द्वारा “जंगल बचाओ” विषय पर गीत एवं नृत्य की प्रभावशाली प्रस्तुति दी गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को संदेश दिया गया कि जंगल और खेतों में आग न लगएं तथा वन संपदा की सुरक्षा में सहयोग करें।

कार्यशाला के समापन पर वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील ने कहा कि जंगल हमारी राष्ट्रीय धरोहर हैं और इन्हें सुरक्षित रखना हम सबका दायित्व है। उन्होंने बताया कि वन अग्नि से न केवल पेड़-पौधों को क्षति पहुचती है, बल्कि वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं, अनेक जीव-जन्तुओं की जान को खतरा होता है तथा प्राकृतिक संतुलन भी प्रभावित होता है। उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे वन अग्नि रोकथाम में सक्रिय भूमिका निभाएँ और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें, ताकि बलौदाबाजार वनमण्डल को इस अग्नि सीज़न में सुरक्षित रखा जा सके। कार्यशाला के दौरान वन अग्नि के प्रमुख कारणों, उससे होने वाली पर्यावरणीय एवं सामाजिक क्षति तथा रोकथाम एवं नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों, वन प्रबंधन समिति के सदस्यों एवं वन अमले को बताया गया कि मानवजनित लापरवाही, कृषि अवशेष जलाना, महुआ संग्रह के दौरान आग लगना, बीड़ी-सिगरेट के अवशेष फेंकना आदि कारणों से अधिकांश आग की घटनाएँ होती हैं, जिन्हें सामूहिक सतर्कता से रोका जा सकता है। वन विभाग द्वारा फायर सीज़न को लेकर की जा रही तैयारियों की जानकारी भी साझा की गई। प्रत्येक परिक्षेत्र में समर्पित फायर कंट्रोल टीमों का गठन, वनमण्डलीय स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना, फायर लाइन कटाई, फायर वाचरों की तैनाती, स्ट्राइक फोर्स की सक्रियता तथा आधुनिक उपकरणों जैसे फायर ब्लोअर के उपयोग पर विशेष बल दिया गया। प्रतिभागियों को फील्ड में ले जाकर अग्नि सुरक्षा उपकरणों का व्यवहारिक प्रदर्शन भी कराया गया।इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए धमनी एवं चिचिरदा वन प्रबंधन समितियों को सम्मानित किया गया। साथ ही लटुआ हाई स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा रंगोली एवं पेंटिंग के माध्यम से वन अग्नि सुरक्षा पर जनजागरूकता संदेश प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *