
संविधान, कर्तव्य और देशभक्ति के संकल्प के साथ थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने दी तिरंगे को सलामी
धनपुरी (जिला शहडोल)।
77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर थाना धनपुरी परिसर में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और संवैधानिक मूल्यों से ओत-प्रोत भव्य ध्वजारोहण समारोह का आयोजन किया गया। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने पूरे सम्मान एवं गरिमा के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को सलामी दी। इस अवसर पर पुलिस बल के जवानों ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाकर मातृभूमि के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की।
ध्वजारोहण उपरांत थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, उसकी आज़ादी के संघर्षों और बलिदानों का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद हमारे संविधान ने देश को एक सशक्त लोकतांत्रिक ढांचा दिया, जिसने प्रत्येक नागरिक को समानता, न्याय और अधिकारों की गारंटी प्रदान की।
थाना प्रभारी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में संविधान निर्माण से लेकर वर्तमान समय तक के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में बना भारतीय संविधान हमें यह सिखाता है कि अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही समाज में शांति, सौहार्द और न्याय की स्थापना संभव है।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल का दायित्व केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि आम नागरिक को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और न्याय तक उसकी पहुँच सुनिश्चित करना भी है। देशभक्ति का वास्तविक अर्थ यही है कि हम अपने कार्यों से संविधान की गरिमा बनाए रखें और जनसेवा को सर्वोपरि मानें।
कार्यक्रम के दौरान एएसआई अंजना सिंह अहिरवार, एसआई नागेंद्र सिंह, एसआई आर.डी. प्रजापति, एएसआई राजेंद्र शुक्ला, प्रधान आरक्षक राजू प्रसाद सहित थाना धनपुरी का समस्त पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा। सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने तिरंगे को सलामी देकर संविधान की रक्षा, कानून के पालन और राष्ट्रसेवा के संकल्प को दोहराया।
समारोह का वातावरण देशभक्ति के नारों, अनुशासन और गर्व की अनुभूति से सराबोर रहा। अंत में थाना प्रभारी ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि संविधान ही हमारी दिशा है और तिरंगा हमारा स्वाभिमान—इन्हीं के सम्मान में निहित है भारत का उज्ज्वल भविष्य।