“मोबाइल महायज्ञ में निकला भाग्य का प्रसाद — जब तिवारी जी ने थाम लिया 5G का ब्रह्मास्त्र!”

मौन व्रत, ताबीज, राजनीति और लॉटरी धनपुरी में मोबाइल खरीद बना ऐतिहासिक अध्याय

धनपुरी / शहडोल।
धनपुरी नगर इन दिनों किसी आम मोबाइल लॉन्च का नहीं बल्कि टेक्नोलॉजी, तंत्र-मंत्र, सियासत और किस्मत के संगम से बने एक अनोखे “मोबाइल जलसे” का गवाह बन गया है। ओप्पो रेनो 5G सीरीज की ऐसी जबरदस्त डिमांड देखने को मिली कि लोगों ने इस मोबाइल का इंतज़ार उसी सब्र और बेसब्री से किया, जैसे बरसों बाद घर लौटते दूल्हे का स्वागत होता है। श्री लाल साईं मोबाइल सेंटर में लॉन्चिंग होते ही हालात कुछ यूँ बने कि दुकान के बाहर जमा भीड़ देखकर ऐसा महसूस हो रहा था मानो मुफ्त सिन्नी प्रसाद बंट रहा हो। दुकानदारों की मुस्कुराहट में कारोबार की चमक थी, जबकि ग्राहकों की आंखों में उम्मीद का 5G टावर पूरी ताकत से सिग्नल दे रहा था।
मोबाइल का स्टॉक सीमित और चाहने वालों की फेहरिस्त लम्बी होने के कारण दुकान संचालक ने अदब से हाथ जोड़ते हुए कहा कि “तिवारी ज़ी , दिल तो हमारा भी चाहता है कि हर हाथ में मोबाइल पहुंचे, मगर स्टॉक साहब ने हमें मजबूर कर रखा है।” आखिरकार सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि पहले मोबाइल का मालिकाना हक लॉटरी सिस्टम के जरिए तय होगा। जब किस्मत की पर्ची खुली तो नाम सामने आया राकेश तिवारी का। जैसे ही यह ऐलान हुआ, नगर में खुशियों की ऐसी लहर दौड़ी जैसे किसी ने आईपीएल का फाइनल जीत लिया हो और फायरवर्क्स सीधे दिलों में फूट पड़े हों।
इसी बीच कहानी में रहस्य का तड़का तब लगा जब तिवारी जी के अंगरक्षक ओमी सिंह ने बताया कि महाराज बृहस्पतिवार के दिन मौन व्रत पर हैं और मोबाइल का इस्तेमाल केवल मंगलवार को पूजा-पाठ और विधिवत अनुष्ठान के बाद ही होगा। इस घोषणा के बाद नगर की गलियों से लेकर चाय की टपरियों तक सबसे बड़ा सवाल यही बन गया कि आखिर तिवारी जी पहला कॉल किसे लगाएंगे। लोग इस चर्चा में इतने मशगूल हैं कि मोहल्लों में अब मौसम, महंगाई और मैच की जगह मोबाइल की रिंगटोन ही चर्चा का केंद्र बन चुकी है।
सूत्र बताते हैं कि यह खबर अब भोपाल के सियासी गलियारों तक गूंज चुकी है, जहां धीमी आवाज़ में यह चर्चा छिड़ गई है कि अगर महाराज जी ने मौन व्रत तोड़कर पहला कॉल किया, तो राजनीतिक नेटवर्क में भी कंपन आ सकता है। वहीं विपक्ष ने भी इस मामले में पूरी ताकत झोंकते हुए बयानबाजी का चार्जर लगा दिया है। नेता प्रतिपक्ष शोभाराम पटेल ने आरोप लगाया कि पूरा मामला पहले से सेट था और जरूरत पड़ी तो आंदोलन का हाई-स्पीड डेटा पैक चालू किया जाएगा। उधर कांग्रेस नेता अंकित सिंह ने विदेशी मोबाइल पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग कर दी और तंज कसते हुए कहा कि देशी जज़्बात में विदेशी नेटवर्क का इस्तेमाल आखिर क्यों।
मामले में आध्यात्मिक मोड़ तब आया जब असलम बाबा ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा खास वजीफा पढ़ा है जिसकी काट पूरे मुल्क में किसी के पास नहीं। उनके मुताबिक अतीक बाबा खुद ताबीज लेकर महाराज को सुरक्षा कवच प्रदान करेंगे ताकि कोई नजर, जिन्नात या नेटवर्क की बदनसीबी पास न फटके। सुरक्षा इंतजाम भी इतने मुस्तैद कर दिए गए हैं कि मोबाइल खरीद कार्यक्रम किसी राष्ट्रीय आयोजन से कम नजर नहीं आ रहा। जगह-जगह पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और चौक-चौराहों पर तैनात जवान पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
उधर विद्युत विभाग भी दबाव और दुविधा के बीच झूलता नजर आया। विभागीय सूत्रों ने इशारों-इशारों में बताया कि महाराज जी की प्रतिष्ठा को देखते हुए उनके निवास के सामने नया ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी चल रही है, ताकि बिजली सप्लाई में कोई “लोडशेडिंग वाली बदनामी” न आए। मंगलवार को तय कार्यक्रम के अनुसार तिवारी जी पहले बरगवां हनुमान मंदिर में मत्था टेकेंगे, इसके बाद गरीबों में कंबल वितरण और ग्राम सिलपरी में भंडारा आयोजित किया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो शाम को नगर भ्रमण के दौरान फूल-मालाओं और सुरक्षा व्यवस्था के बीच मोबाइल दर्शन कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। समर्थकों का दावा है कि दुनिया की हर ताकत एक तरफ और बाबा की ताबीज की रहमत एक तरफ — मोबाइल तो महाराज के हाथ में आकर ही रहेगा। अब पूरे कोयलांचल से लेकर शहडोल, उमरिया और अनूपपुर तक लोगों की निगाहें सिर्फ इस ऐतिहासिक क्षण पर टिकी हैं कि आखिर वह खुशनसीब कौन होगा जिसे तिवारी जी का पहला कॉल नसीब होगा। नगर के प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों, सोहागपुर महाप्रबंधक, अमलाई ओ सी एम के अधिकारी, एस पी सिंह, रवि सिंह, फरियाद खान, व नगर के वरिष्ठ पत्रकारो ने तिवारी ज़ी की किस्मत की तारीफ करते हुए उन्हें बधाई प्रेषित की है।

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